बुधवार, 20 सितंबर 2017

जाट कहवै , सुण जाटणी : सुनीता करोथवाल : ---सबतै पैहलम तो उपन्यासकार आदरणी...

जाट कहवै , सुण जाटणी : सुनीता करोथवाल : ---सबतै पैहलम तो उपन्यासकार आदरणी...: सुनीता करोथवाल  : --- सबतै पैहलम तो उपन्यासकार आदरणीय श्री प्रदीप नील जी नै भोत-भोत  बधाई   �� �� �� साची कहूँ तै आजकाल च्यारूं कानी &#39...

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