हरियाणवी में उपन्यास - सच कहू तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं था... अभी भी कई हफ्तों से केवल अपने मित्रो की पोस्ट इस बारे में देख कर ही काम चला रहा था... इस रविवार जाना हैं प्रगति मैदान, बुक फेयर में... बडौत के लेखक Amit Rai Jain जी की योग पर आधारित पुस्तक का विमोचन होना हैं... तब इस उपन्यास को भी जरुर खरीदना हैं... आप लोगो को भी इस उपन्यास को पढ़ना चाहिए... ये मैं अभी तक मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर कह रहा हूँ... अपना सही फीडबैक तो मित्र प्रदीप नील वशिष्ठ जी को उपन्यास पढने के बाद ही दे पाऊंगा...
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--रवि शर्मा
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