जाट कहवै , सुण जाटणी

पाठकों से सर्वाधिक प्यार-दुलार प्राप्त करने वाला हरियाणवी उपन्यास जिसे सभी श्रेणी के लोग चाव से पढ़ रहे हैं .

शनिवार, 26 मई 2018





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मेरे बारे में

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प्रदीप नील वसिष्ठ
हिसार, हरियाणा, India
सृजन हिंदी में . लघुकथाएं काफी छपीं.फिर व्यंग्य का नम्बर लगा . आजकल राधा कृष्ण भाते हें और वही भजन भी लिखवाते हैं . देश विदेश के पुराने सिक्के तथा नोट संग्रह करने का शौक भी मुझे है
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